मोबाइल की लत (Addiction Smartphone)


नमस्कार दोस्तों,

 जैसे जैसे समय बढता चला जा रहा है दुनिया भी उतनी ही गति से विकास के नये नये चरण को 
  पार कर रहा है, विज्ञान की आज ये प्रगति हमें हर समय चकित करती है और यही विचार हमारे   मन में निरंतर आती रहती है की विज्ञान का अगला चरण क्या होगा? विज्ञान ने हमे बहुत कुछ   दिया है शायद जिसके बिना हम अब अपने जीवन के बारे में सोच भी नही सकेते  , उसी में से   एक  है "मोबाइल फ़ोन" जिसका उपयोग आज हर व्यक्तियो के लिये जरूरत बन गयी है !


 आज से कुछ साल पहले मोबाइल का प्रयोग केवल बात करने के लिये ही किया जाता था परन्तु   आज मोबाइल से मानव का लगभग हर कार्य सम्पन्न हो रहा है, आज के स्मार्टफ़ोन जिसका   प्रयोग  हर वर्ग का व्यक्ति करता ही है, इसका उपयोग आज के समय के लिये एक गभीर स्थिति   पैदा कर रहा है जिसके बारे हम आज चर्चा करेगे !


 जब मोबाइल का अविष्कार हुआ तो इसका इस्तेमाल केवल बात करने के लिये किया जाता था ,   परन्तु आज विज्ञान की बढत ने उस मोबाइल को चलता फिरता कंप्यूटर से भी शक्तिशाली बना   दिया है, और आज के समय में इसांन अपने मोबाइल से इस तरह जुड़ा हुआ है की उसे यह ज्ञात   ही  नही है की वो आज कितने गभीर बीमारी की चपेट में है !


 आज कही भी देख लो हर तरफ सिर झुकाये नजरे केवल मोबाइल स्क्रीन पर ही रहती है, हर   तरफ सब मोबाइल पर ही व्यस्त रहते है न किसी से बात चित और न किसे से हाय हेल्लो बस   मोबाइल पर ही अपना सारा समय व्यतीत करते नजर आते है, फिर चाहे ट्रेन हो, या बस हो, लोग   कई कई घंटे का सफर सिर्फ मोबाइल पर ही बिताते है ! इस पर मुझे महशूर शायर गुलजार की   एक पक्तियां याद आती है :-

   “ की रात भर चलती रही उगलिया मोबाइल पर, और सीने पर किताब रख कर सोये जमना हो        गया ” !

 पहले के समय में जब लोग ट्रेनो में या अन्य किसी में भी सफर करते थे तो अपने आस पास के   लोगो से बाते , हसी मजाक करते कुछ पढते पढते या अपनी पसंद की किताबों को पढते हुये   अपने  सफर का मजा लेते हुये सफर पूर्ण करते थे. परन्तु आज हमे ये सब दिखाना नसीब नही   होता, सब अपने मोबाइल पर ही व्यस्त रहते है. आस पास के वातावरण में उन्हें कोई रूचि नही   होती है, इस मोबाइल के कारण ही हम आज लोगो से समाज से दूर, अपनापन खोते जा रहे है !   आज तो स्थिति यह है की लोग अपने घर पर एक साथ नही बैठते सभी अलग - अलग अपने –   अपने कमरो में ही रहना ज्यादा पसंद करते है, आस - पास होने के बाद भी सभी अपने मोबाइल   पर ही व्यस्त रहते है !



 ऐसी ना जाने कितनी समस्या है, जिसे हम लोग हल्के में या समान्य सी घटना समझते है,     मोबाइल के कारण जो समस्या  हमे अभी देखने को मिल रही है और जो भविष्य में हमे देखने   को  मिलगी उसके बारे में हमे तनिक भी विचार नही करते है उसके फलस्वरूप अपना समय   मोबाइल पर बीतना ज्यादा उचित समझते है !


 आज समस्या इतनी गभीर होते जा रही है की. लोग मोबाइल पर 5000  से ज्यादा दोस्त बना रखे है, पर अपने संगे भाई से बात-चित नही है. ऐसे कई उदा: है जिसके बारे में हम कभी विचार भी नही करते है !


 मोबाइल का सबसे बुरा प्रभाव बच्चो पर हुआ है ! जहा एक समय खाली समय मिलेने पर तो बच्चे बस मैदान पर ही दिखाई पड़ते थे, परन्तु आज वही बच्चे बस मोबाइल पर ही गेम खेलते दिखाई पड़ते है. इसका असर उनके दिमाग पर ही नही बल्कि पूरे शरीर पर भी पड़ रहा है, आज के बच्चे दिमागी रूप से कमजोर, और शरारिक रूप से अस्वस्थ है !


      - कुछ ऐसी समस्या है जो मोबाइल के कारण उत्पन्न हुई है !

   ऐसी समस्या जो मुझे लगती है की वहा मोबाइल के कारण हो रही है जो निम्न है :-

1             1.      मोटापा !

               2.   मानसिक तनाव !

               3.    सामान्य दिमाग का विकास न होना !

               4.    आचार – विचारों में भेद !

               5.     आलस !

               6.       क्रोध !

                         7.     स्वस्थ संबंधित रोग !

               8.   कम उम्र में चश्मा लगना !

               9.    समाज से दुरी बना रखना !

                        10.   अवसाद में रहना !

              11.    रीढ़ के हड्डी में प्रभाव !

              12.    चिढ चिढापन रहना !

              13.   अनुशासनहीन होना !

              14.    पढाई में कमजोर होना !

              15.   अपना निर्णय नही ले पाना !

              16.   द्बुपन का होना !

              17.   आत्मविश्वास की कमी होना !

              18.   गलत राहों में जाना !

              19.   बात करने में झिज्कना !

                    20.   शब्दों का सही ज्ञान ना होना !


ऐसी न जाने कितनी समस्या है, जिसको आज हम देख कर अनदेखा कर रहे है क्यूकी ये कार्य हम स्वयं कर रहे है, तो अपने बच्चो से हम क्या आशा रख सकते है, आज भले ही मोबाइल स्मार्ट हो गया है पर इंसान बेवकूफ हो गया है! 

तो आज के लिये इतना ही तब तक के लिये फिट रहो हिट रहो !

            

Hair Fall (बालों का झड़ना)


नमस्कार दोस्तों,

आज हम बात करेगे अपने सिर के बालो के विषय में, आखिर क्या कारण है ? बालो का कमजोर होना , झड़ना, गंजापन होना उम्र से पहेले ही बालो का सफेद होना इन सभी के बारे में जानेगे और उनके उपाय के बारे में भी चर्चा करेगे !

सिर के बाल जो हमारे शरीर का एक मूल भाग है जिसकी अहमियत का पता हमे तब चलता है जब उनकी संख्या में लगातार कमी आनी शुरु हो जाती है, जब बाल धीरे धीरे कम होते हुये पूरे गंजेपन के अंतिम चरण पर आती है, तब हमे अपने बाल की अहम भूमिका के बारे में जानकारी होती है !


सिर के बाल, जो हमारा घमंड होता है इंसान के शरीर में कोई भी व्यक्ति जितना अपने शरीर पर शान नही करता उतना अपने सिर के बालो पर करता है. ये बात तो तय है की जब तक हमारे सिर पर लहराते बाल रहते है, तब हमारा Confindce एक अलग ही स्तर पर रहता है परन्तु जब वही बाल झड़ने लगता है तथा उसके जगह जब नये बाल उगना शुरू नही होता है और हम गंजेपन का शिकार होने लगते है, तब वही हमारा Confidence Level गिरने लगता है हम सब जगह अपमानित महसूस करते है तथा अपनी लय अपने मार्ग से भटक जाते है !


अगर हम आज से 10 वर्ष पूर्व की बात करे तो ये जो गंजापन, बालो का झड़ना,  पतला होना, कम उम्र में बालो का सफेद होना ये सारी समस्या तो थी ही नही. आज भी आप कोई पुरानी फोटो या एलबम उठा कर देखे तो आप को वो अंतर अपने आप ही समझ आ जायेगा जो उस समय की बालो में कालापन चमकते लहराते बाल आज ना जाने कहा खो गये !


·                                                               =>  सिर के बालो की प्रमुख समस्या

1.     बालो का पतला होना !
2.     अत्यधिक रुसी होना !
3.     कम उम्र में बालो का पकना या सफेद होना !
4.     नये बालो का ना उगना !
5.     अत्यधिक मात्रा में बालो का झड़ना !
6.     सिर पर रूखापन रहना !
7.     सफेद दाग सा होना !
8.     गंजापन इत्यादि !

ऐसी कुछ समस्या है जो आज कल हमे देखने को मिलती ही है, ये समस्या इस प्रकार बढ़ रही है की इसे अब हम समस्या के तौर पर नही, बल्कि एक बीमारी के रूप में देख रहे है, जिससे आज कोई भी बचा नही है. सभी इस गभीर बीमारी के चपेट में आ चुके है. जो बेहद गभीर समस्या के रूप में आज समाने आ रही है !
बालो का झड़ना या उन पर समस्या कई चरणों में शुरू होती है जिसका हमे ज्ञान नही होता, अगर हम उसी समय उस पर काबू पा लेते है तो सिर के सारे समस्या से बचा जा सकता है !

ð गंजापन का चरण

- पहला चरण :- शुरुवाती दौर में बालो में पतला होना शुरू होता है तथा उनके जड़ो                  में कमजोरी आनी शुरू होती है

- दूसरा चरण :- इस चरण में बालो के झड़ने में वृद्धि होती है नहाते समय बालो                 पर कघी करते समय बालो के झड़ने में वृद्धि होती है !

- तीसरा चरण :- इस चरण में नये बालो का उगना कम हो जाता है उसकी वृद्धि                  दर में कमी आ जाती है और जितना बाल टूट रहा है वह बाल                    उसकी पूर्ति नही कर पाता है !

- चौथा चरण :- बालो के कमी के साथ आगे के बालो में अत्यधिक कमी हो जाती                 है और वहा समाने का हिस्सा चिकना होने लगता है तथा सिर में                 रूखापन आ जाता है !

- पाचवा चरण :- इस स्थिति में बाल पूर्णता गंजेपन का शिकार हो जाता है !
                इन सभी समस्या के स्थिति के पूर्णता से पहले अगर हम                        जानकार हो जाते है तो इस समस्या से उभर सकते है, उसके                    कुछ उपाय है जिसका आप प्रयोग कर सकते है !


ð उपाय

1   1.       भरपूर नीद ले !

     2.        नियमित स्नान के साथ बालो की भी सफाई करे !

     3.        धुर्पपान से दूर रहे अल्कोहल , सिगरेट किसी भी प्रकार का नशा ना करे !

     4.         विटामिन युक्त आहर ले !

     5.         मौसमी फल का सेवन करे !

     6.      एक ही कपनी के वस्तुओं का प्रयोग करे तेल , साबुन , शेम्पू एक ही कपनी का      इस्तमाल करे बार बार इसे ना बदले !

     7.    दुध का सेवन करे चाय, काफी को ना कहे !

     8.     ज्यादा पावर की दवाईयों का सेवन ना करे !

     9.      नीद के दवाईयो का सेवन ना करे !

          10.      नियमित रूप से व्ययाम करे, सुबह सुबह योग तथा ध्यान लगये !

     11.   बहारी भोजन से बचे !

     12.      अलग अलग जगह के पानी से स्नान करने से बचे !




आ   - आज के लिये इतना ही और अच्छी सेहत तथा स्वस्थ के लिये मै और भी अच्छे      अच्छे टॉपिक लेकर आऊंगा, तब तक के लिये "फिट रहो हिट रहो" !  






   


DEPRESSION ( अवसाद )

नमस्कार दोस्तों 

आज हम जानेगे  DEPRESSION  ( अवसाद ) के बारे में, की यह क्या चीज है ? और किस किस कारणों से होता हैं ! 
अवसाद या डिप्रेशन यह एक ऐसी बीमारी है जो सीधा इंसान को बीमार करता है, इसका असर बहुत खतरनाक साबित होता है, इसका सीधा असर हमारे दिमाग में होता है और इंसान मानसिक तौर पर बीमार हो जाता है उसके दिमाग में उसका नियत्रण नही रहेता है ! 

क्यों होता है, इंसान अवसाद में :- 

जब भी इंसान को असफलता लगातार मिलती है लगातार वह व्यक्ति हताश रहेता है जब उसके मन में आत्मविस्वास की कमी रहती है तो वह व्यक्ति  अपने आप को सबसे कमजोर तथा भीड़ में अकेला महेसूस करता है तब वह व्यक्ति  अवसाद DEPRESSION  का शिकार हो जाता है ! इस स्थिति में उसका दिमाग सही तरह से कार्य नही करता है और वह गलत कदम उठा लेता है !

आज के इस  COMPETITION भरी जिंदगी में हर क्षेत्र में अव्ल आने के दौड़ में हर इंसान लगा रहेता है, हर किसी को अपने समाज में अपने सोसाइटी में अपना नाम बनाने के लिये, कितना दबाव रहेता है, वही पर बच्चो को अपने शिक्षा के क्षेत्र में अव्ल आने का दबाव बना रहेता है. जब ये सब स्थान हमे प्राप्त नही होता है तब इंसान दबाव में अवसाद के घेरे में आ जाता है और इसका असर हमारे परिवार में भी देखने को मिलता है 

अवसाद के वर्ग :- 

1. शिक्षा के क्षेत्र में :- आज के युग में हर व्यक्ति अपने बच्चो को शिक्षा के क्षेत्रो में हमेशा अव्ल आने का                                       लगातार दबाव  बनाते है, उन्हें दुसरो के बच्चो  से तुलना की जाती है, तथा उन लोगो को दुसरे के बच्चो से अच्छा करने के लिये प्रेशर दिया जाता है जिसमे हर बच्चा खरा नही उतर पाता  है  जिसके कारण बच्चा DEPRESSION  अवसाद में आ जाता है तथा कभी कभी बच्चे गलत कदम भी उठा लेते है !


2. समाज में सोसाइटी में :- आज का  युग में,  लोगो की तुलना करने की आदत ही लोगो को डिप्रेशन में                                               लाती है सोसाइटी  में अपना नाम तथा स्तर को बनाये रखना एक बहुत बड़ी चुनौती है, इस  सोसाइटी  में  इस समाज में उस स्तर को अगर ना बना पाये तो आदमी डिप्रेशन मे आ जाता है !


3. बेरोजगारी :-  हर व्यक्ति अपनी योग्यता के अनुसार शिक्षित है तथा अधिकतर लोग कई ऊचे ऊचे                                  स्तर पर भी शिक्षा प्राप्त किये हुये है परन्तु हमारे इस बेरोजगारी  की समस्या अच्छे अच्छे लोगो को अवसाद में डाल देता है, व्यक्ति को जब अपनी क्षमता अपनी योग्यता के अनुसार काम मिलता है तब इंसान हताश हो जाता है तथा लगातार हताश डिप्रेशन में ले जाने का कार्य करता है !



4. परिवार का प्रभाव :- आज के युग में  सयुक्त परिवार हमे कही भी देखने को नही मिलती है सभी लोग                                        अलग अलग रहेना पसंद करते है जिसमे कई परिवार में अन्य परिस्थितियों में प्रया: विवाद की स्थिति बनी रहती है जिसके कारण परिवार के अन्य  सदस्यों में डिप्रेशन बना रहेता है !



सार :- डिप्रेशन का कोई क्षेत्र नही होता है यह कभी भी कही भी आ सकता है, अवसाद बेहद गभीर                      बिमारियो में से एक है जिसका कोई डॉक्टरी इलाज नही है, मानव जब अपने जीवन से हार जाता है, या अपने क्षेत्रो में या अपने कार्यो में अपने मेहनत के फलस्वरूप फल प्राप्त नही कर पाता है तो वहा अवसाद में चला जाता है!

* उपचार 

जब कभी भी लगे की आप अवसाद या डिप्रेशन में है तो ये कुछ उपाय  आप अपने उपर लागू कर सकते है जो आप को  इस अवसाद से निकलने में, सहायक हो सकता है ! 

1. तुलना करना बंद करे, हमेशा अपने क्षमता के अनुसार ही कार्य करे !

2. नियमित व्यायाम करे तथा योग और ध्यान करे ! 

3. अपनी कार्य की हमें श तारीफ करे अपने कार्य को सराहे !

4. दुसरो की हमेशा मदद करे तथा दुसरो को भी मदद करने के लिये प्रेरित करे !

5. अपने दोस्तों तथा परिवार को समय दे अपने बातो को उनको बताये आपने दोस्तों या परिवार से पुराने मीठे          यादो को ताजा करे !

6.अपने नाना नानी या दादा दादी के गाँव जाये और वहा के वातावरण का आनदं ले !

7. जितना ही सके सोशल मिडिया से दूर रहे तथा अपने मोबाइल फ़ोन का उपयोग कम करे !

8. अपने कला को पहचाने और उसमे कार्य करे, जैसे :- पेटिंग, गायकी, लेखकी इत्यादि !

9.  हिल स्टेशन घुमने जाये !

10. हमेशा सकरात्मक सोचे, जितना अच्छा सोचेगे उतना ही आप को अच्छा लगेगा !


आज के टॉपिक के लिये इतना ही तब तक के लिये फिट रहो हिट रहो !






PERFECT DIET

नमस्कार दोस्तों 

आज हम बात करेगे डाइट के बारे में, 

मै अक्सर देखता हू लोग अपना वजन तो कम करना चाहते है पर अपने खान पान पर कण्ट्रोल नही करना चाहते, आपने डाइट पर काम नही करते है ! शरीर का विकास घटना बढना सब डाइट पर ही आधरित है, डाइट ही सार है सारे शरीर का ! 

हम जिम जाते है कई दिनों तक जिम में मेहनत करते है काफी सारी एक्सरसाइज़ करते है पर हमे अपने शरीर से जो अपेक्षा रहेती है वो हमे प्राप्त नही हो पाता है जिसके कारण हम हताश हो जाते है और एक्सरसाइज़ करना छोड़ देते है, और अपने शरीर को ही दोष देते रहते है,
जबकि इसकी मुख्य वजह है हमारा डाइट अगर हमारा  डाइट ही  सही नही रहेगा तो हम चाहे  कितनी  भी मेहनत क्यू न कर ले  उसका निष्कर्ष ठीक नही निकलेगा !

हम अक्सर देखते या सुनते है की जिम में प्रोटीन शेक डाइट प्लान के बारे में हर अक्सर जानकारी दी जाती है की एक्सरसाइज़ के समय कैसी डाइट रखे रनिंग के लिये कैसी डाइट रखे, वजन कम करने के लिये कैसी  डाइट रखे , वजन बढानें के लिये कैसी  डाइट को फ़ॉलो करे,  वैसी ही हर फिल्ड की अलग डाइट प्लान होती है जो सभी अपने अपने कार्यो के अनुसार भिन्न भिन्न होती है! 

हम किस फिल्ड के लिये किस तरह की डाइट को फ़ॉलो करना चहिये, इसके बारे में जानेगे !

1. जिम के लिये डाइट :-    अगर आप जिम जाते है या जाने का मन बना रहे है तो ये डाइट की                                                               नियमित सेवन आपको बहुत जल्द ही  परिणाम दिला सकती है 

- सुबह नाश्ते में :-  दूध, उबला अंडा, केला मौसमी फल, भीगा हुआ   चना आदि !

- दिन के खाने में :- चावल, दाल, उबला अंडा, मौसमी फल, सलाद, दही, हरी सब्जी, रोटी इत्यादि !

- रात के खाने में :- रोटी, हरी सब्जी, नॉन वेज, दाल, दही सलाद इत्यादि !

"नोट":-रात को सोने से पहेले दूध का सेवन करे ! " जिस दिन नॉन वेज खाने में शामिल करे उस दिन दूध ना पिये" !


2. रनिंग के लिये डाइट :- रनिंग करने से हमारे शरीर में उर्जा की खपत ज्यादा होती है                                                                      इसलिए हमे ऐसी डाइट फ़ॉलो करनी चहिये जिससे शरीर में उर्जा                                                                बनी रहे !

रनिंग के बाद 2 घंटे बाद 

- सुबह नाश्ते में :- दुध, हल्का नाश्ता, उबला अंडा, भीगा चना, दही मौसमी फल इत्यादि!

- दिन के खाने में :- चावल, दाल, उबला अंडा, मौसमी फल, सलाद, दही, हरी सब्जी, रोटी इत्यादि !

- रात के खाने में :-  रोटी, हरी सब्जी, दाल, दही सलाद इत्यादि !

"नोट":-  रोज सुबह दुध का सेवन करे रात को सोने से पहेले दूध का सेवन करे ! " जिस दिन नॉन वेज खाने में शामिल करे उस दिन दूध ना पिये" ! 


                         "चाय का त्याग करे चाय के जगह दुध का सेवन करे"! 

तले भुने खाने से दुर रहे हमेशा हल्का भोजन करे, ज्यादा मसाला, चटपटा खाने से बचे, बाहर के खाने से बचे, सदैव घर के खाने का ही सेवन करे ! हमेशा खुश रहो फिट रहो हिट रहो !